Book a personalized consultation to receive clarity, healing, and direction on your unique path.

INR 100 for 20 mins

INR 1100 for 20 mins

INR 5100 for 20 mins

INR 51000 for 1 hour

INR 2100 for 20 mins

INR 2100 for 20 mins

INR 11000

INR 2100 for 20 mins

INR 3100

INR 3100 for 20 mins

INR 3100 for 20 mins

INR 2800 for 18 mins

INR 2100 for 20 mins

INR 2100 for 20 mins

INR 5000 for 60 mins

INR 7000
Each attunement is a gateway to deeper healing, spiritual growth, and higher vibrational living.

1.कृत्या भगवान शिव की जटा से उत्पन्न होने वाली शक्ति का नाम है हर व्यक्ति के अंदर कृत्या शक्ति मौजूद होती है जिसको मंत्र साधना द्वारा जागृत किया जाता है यह शक्ति भीतर के कृत्या और काली तत्व को जागृत करती है 2.दीक्षा के पहले दूसरे चरण में ही व्यक्ति स्वयं और दूसरे को रोग मुक्त करने की क्षमता प्राप्त करता है तथा असाध्य रोगों का भी स्वतः इलाज होने लगता है 3.साधक जल पर कृत्या मंत्र पढ़कर रोगी को अगर दे तो उससे रोगी धीरे-धीरे रोग मुक्त होने लगता है आगे के स्तर पर कृत्या मृत्यु के मुंह से भी किसी को बचाकर लेकर वापस आ सकती है जैसे कि आईसीयू से 4.कृत्या रेखी का हाथ पर आवाहन कर दूर बैठे और पास बैठे व्यक्ति को हील किया जा सकता है। 5.बदन दर्द, सर दर्द एवं चोटों को कृत्या की शक्ति से दूर किया जा सकता है। किसी भी विकट परिस्थिति में फंसने पर कृत्या मंत्र के जाप से परिस्थिति से निकलने का मार्ग तुरंत बनने लगता है। 6.कृत्या के निरंतर जप से भाग्य और हाथ की रेखाएं बदलने लगती हैं। कृत्या के जप से साधक के शरीर में अग्नि तत्व अत्यंत पुष्ट होता है एवं उसका कॉन्फिडेंस बढ़ता है और साधक डिप्रेशन और अन्य बीमारियों से बाहर आता है।

✨ वीर स्थापन शक्तिपात क्रिया ✨ जैसा कि सर्वविदित है, “वीर” अत्यंत तीव्र एवं प्रचंड शक्ति का प्रतीक है। इसी दिव्य वीर शक्ति के साधन से ही भगवान हनुमानजी “महावीर” के रूप में प्रतिष्ठित हुए। इसी प्रकार की वीर ऊर्जा का स्थापन — शक्तिपात क्रिया द्वारा, गुरुआज्ञा के माध्यम से अनेक साधकों को प्रदान किया गया है, जिसके फलस्वरूप उनके जीवन में तत्काल असाधारण परिवर्तन हुए तथा वे निरंतर उत्कर्ष और उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हैं। ⚡ वीर शक्तिपात क्या है? ⚡ (विवरण यथावत रखा गया है)

✨ वीर स्थापन शक्तिपात क्रिया ✨ जैसा कि सर्वविदित है, “वीर” अत्यंत तीव्र एवं प्रचंड शक्ति का प्रतीक है। इसी दिव्य वीर शक्ति के साधन से ही भगवान हनुमानजी “महावीर” के रूप में प्रतिष्ठित हुए। इसी प्रकार की वीर ऊर्जा का स्थापन — शक्तिपात क्रिया द्वारा, गुरुआज्ञा के माध्यम से अनेक साधकों को प्रदान किया गया है, जिसके फलस्वरूप उनके जीवन में तत्काल असाधारण परिवर्तन हुए तथा वे निरंतर उत्कर्ष और उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हैं। ⚡ वीर शक्तिपात क्या है? ⚡ (विवरण यथावत रखा गया है)

💰 धन प्राप्ति में तीव्रता – यह साधना देवी लक्ष्मी के उग्र और करुणामयी स्वरूप को प्रसन्न करती है, जिससे शीघ्र धन प्राप्ति होती है। 🕉 आर्थिक रुकावटों का नाश – यह साधना उन कर्मिक और ऊर्जात्मक अवरोधों को दूर करती है जो धन प्रवाह को रोकते हैं। 🔮 भय और नकारात्मकता पर विजय – “अघोर” का अर्थ है “जिसमें भय न हो”; साधक के भीतर निर्भयता और मानसिक स्थिरता का विकास होता है। 🌑 दारिद्र्य भाव का अंत – यह साधना साधक के भीतर की दरिद्रता, हीनता और अभाव की भावना को समाप्त करती है। 🧘 भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति का संतुलन – यह साधना केवल धन ही नहीं देती, बल्कि धन के साथ आत्मिक जागरण और वैराग्य भी प्रदान करती है। 🧿 दृष्टि दोष और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा – देवी का अघोर रूप साधक को बुरी नज़र, तंत्र-मंत्र, और शत्रुओं से सुरक्षा प्रदान करता है। 🕯 आभामंडल की शुद्धि और तेज में वृद्धि – नियमित साधना से साधक का आभामंडल पवित्र होता है और उसमें दिव्य आभा का संचार होता है। 💫 इच्छा सिद्धि (मनोकामना पूर्ति) – यह साधना साधक को अपनी उचित इच्छाओं की सिद्धि का वरदान देती है। 🪶 भोग और वैराग्य में संतुलन – साधक धन-संपत्ति और सुखों का भोग करते हुए भी आसक्त नहीं होता, आत्मिक रूप से मुक्त रहता है। 🔥 महाशक्ति का साक्षात्कार एवं गुप्त साधनाओं का जागरण – इस साधना के साथ गुप्त लक्ष्मी कीलन और वीर गणपति साधना भी स्वतः जागृत होती है, जो अत्यंत गूढ़, गोपनीय और परम फलदायी मानी गई है।

🌕 धन ध यक्षिणी — सार रूप में (10 बिंदु) (विवरण यथावत रखा गया है)

1. मानसिक शांति और एकाग्रता: चंद्र रेकी का अभ्यास मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और पढ़ाई जैसे कार्यों में ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। (विवरण यथावत रखा गया है)

1.कृत्या रेकी माई साधक के रेकी के चैनल खोले जाते हैं जिसमें वह ब्रह्माण्ड से रेकी की ऊर्जा लेके किसी को ठीक करना संभव है 2.ये रेकी हीलिंग से भी काई गुना ज्यादा शक्तिशाली है जो हर बीमरी रोग दर्द को दूर रखता है 3.इसमे कृत्य चक्र के माध्यम से हीलिंग दी जाती है कृत्य चक्र को साधक के सातों चक्रों में स्थापित किया जाता है जिसे वो कृत्य शक्ति का आह्वान करता है kr use kr skta hai 4.ये ब्रह्मास्त्र विद्या है दिन के रोज 15-20 मिनट तक जप करना होता है 5.ये दिन 1 से ही काम कर गया है हीलिंग और सब चीजें माई 6.इस साधक का आभा अधिक शक्तिशाली बनता है और उसे नज़र इत्यादि नहीं लगती है
Discover powerful learning experiences designed to awaken your potential and deepen your practice.

Master the ancient Indian science of astrology and learn to read birth charts, predict future events, and provide remedies for life's challenges through planetary influences.

Discover the mystical power of numbers and learn to analyze name numbers, birth dates, and life path numbers to provide guidance on career, relationships, and personal growth.

Learn the ancient Siddha practice of Gandam Mahadeva for spiritual growth, protection, and manifestation of desires through powerful mantras and rituals.

Unlock the secrets of attracting wealth and abundance using ancient magnetic principles combined with modern manifestation techniques for financial success.

Master the art of attraction and influence using magnetic principles combined with hypnotic techniques to enhance relationships and personal magnetism.

Learn the powerful healing magnetism techniques for vitality, health restoration, and life energy enhancement using ancient yogic and tantric practices.

Explore advanced hypnotic states and past life regression techniques combined with magnetic principles for profound spiritual healing and self-discovery.

Decode the messages from angels through numbers and learn powerful healing techniques to connect with divine guidance and spiritual growth.

Achieve mastery in all magnetism techniques combining ancient wisdom with modern science to become a certified Grand Master practitioner.
Discover an expanded range of spiritual products designed to uplift, protect, and harmonize your energy.