आदि गुरु दत्तात्रेय
ब्रह्मा, विष्णु और महेश के एकत्व का प्रतीक हैं, जो सम्पूर्ण ज्ञान के स्रोत हैं।
वर्तमान में हम जिस चेतना के प्रवाह में गतिशील हैं, वह भी उन्हीं से उत्पन्न हुआ है।
जो कुछ भी हम यहाँ प्रदान करते हैं, वह उनकी प्रेरणा और कृपा से ही प्रवाहित होता है।