✨ वीर स्थापन शक्तिपात क्रिया ✨
जैसा कि सर्वविदित है, “वीर” अत्यंत तीव्र एवं प्रचंड शक्ति का प्रतीक है। इसी दिव्य वीर शक्ति के साधन से ही भगवान हनुमानजी “महावीर” के रूप में प्रतिष्ठित हुए।
इसी प्रकार की वीर ऊर्जा का स्थापन — शक्तिपात क्रिया द्वारा, गुरुआज्ञा के माध्यम से अनेक साधकों को प्रदान किया गया है, जिसके फलस्वरूप उनके जीवन में तत्काल असाधारण परिवर्तन हुए तथा वे निरंतर उत्कर्ष और उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हैं।
⚡ वीर शक्तिपात क्या है? ⚡
(विवरण यथावत रखा गया है)